बौद्ध धर्म में "पाँच स्कंध" वे पाँच श्रेणियाँ हैं, जिनके माध्यम से हमारा सम्पूर्ण मन-शरीर अनुभव विभाजित किया जाता है। ये पाँच हैं: रूप (भौतिक शरीर), वेदना (अनुभूति), संज्ञा (पहचान), संखार (मानसिक गठन) और विज्ञाण (चेतना)। इन्हें समझकर हम देख सकते हैं कि हमारे अनुभव कैसे क्षण-क्षण में बनते-बिगड़ते हैं, जिससे अहंभाव कम होता है और दुःख का कारण घटता है।